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बहते पानी को रोकने के कुछ घरेलू उपाय
August 27, 2018 • Navlekha Team

टूटी टोंटियों, फटे या जोड़ से लीक C करते पाइपों, ओवरफ्लो होते टैंकों से प्रायः पानी बहता रहता है। इनको खर्च से बचाने के लिए या कई अन्य कारणों से ठीक नहीं कराया जाता या कई बार ठीक कराने में बहुत समय निकल जाता है। इस बीच अमूल्य जल की बड़ी मात्रा बहकर व्यर्थ हो जाती है। यहाँ कुछ सरल उपाय बताए जा रहे हैं जो घरेलू सामान, से बिना किसी खास लागत के अल्प समय में तैयार हो जाते हैं। इनका प्रयोग कर पानी की बरबादी को रोका या कम किया जा सकता है :

टोंटी का गायब होना या इसका खराब होना

कई स्थानों पर टोंटियों को गायब कर दिया जाता है या बार-बार बार लगाने के बाद भी वह चोरी हो जाती है। कई बार टोंटी खराब या टूट जाती है। और ठीक होने तक पानी व्यर्थ होता रहता है।

पाइप का फटा होना या लीक करनाः

यदि पाइप जोड़ों या फटने के कारण कहीं और से लीक होने लगे, तो इसे सुधारना काफ़ी महंगा एवं झंझटभरा होता है। इन कारणों से इसके सुधरने में काफ़ी समय भी लगता है। यह सुधरने तक इससे काफी पानी बह जाता है। कभी-कभी इन स्थानों पर मिट्टी, सीमेन्ट, कपड़ा या पॉलीथीन बाँधकर रिसाव रोकने का प्रयास कियाबिना टोटी का सालाई पाइप जाता है, परन्तु यह सफल नहीं होता। नीचे दिखाए गए चित्र में फव्वारे के रूप में लीकेज हो । रहा है। यहाँ सबसे । सरल घरेलू उपाय यह है कि इस पर सायकिल की टूयूब की पट्टी बनाकर, खींचते हुए लपेट जाये। ऐसा करने से लगभग सभी फर्श प्रकार के फटनवाले स्थान रिसने बंद हो जाते हैं। यदि इसके लम्बे समय तक स्थायी रूप से ठीक न होने की सम्भावना हो, तो रबड़ की पट्टी को लपेटने के बाद इसके ऊपर गाढ़े को लपेटने के बाद इसके ऊपर गाढे सीमेन्ट में सनी हुई सूती कपड़े की पट्टी लपेट देनी चाहिए।

छतों पर रखे ओवरहेड टैंकों का ओवरफ्लो होना

छतों पर रखी पानी की टंकियों से ओवर फ्लो होना आम बात है। लाखों लीटर पानी बहकर व्यर्थ हो जाता इसे रोकने के लिए फ्लोट वाल्व सक्षम सिद्ध नहीं हो पा रहे हैं।

इन पंक्तियों के लेखक द्वारा ऐसे ओवरफ्लो रोकने के अचूक तथा अनुरक्षणरहित तकनीक विकसित करने पर लगातार कार्य किया जा रहा है जिसके ट्रायल एवं पेटेंट के सफल होने के बाद निकट भविष्य में सामने आने की सम्भावना है। इस ओवरफ्लो को रोकने के कुछ सरल उपाय निम्नवत् लीकेज है।

1. यदि टंकी रोज काफ़ी देर तक ओवरफ्लो होती है, तो इसकी आपूर्ति-पाइप में लगे गेट वाल्व को अनुमान से एक चौथाई बंद कर दें। ऐसा करने से पानी धीरे-धीरे टैंक में आएगा और ओवरफ्लो में देरी होगी। यदि इसके बाद भी ओवरफ्लो होता है, तो गेट वाल्ब को और अधिक बंद कर दें।

2. इस उपाय में खराब फ्लोट वाल्ब को हटाकर चित्रानुसार सप्लाई पाइप/आपूर्ति-पाइप के सिरे पर मुड़ा एवं लचीला पाइप लगाया जाएगा। इस लचीले पाइप का दूसरा सिरा हल्की एवं तैरनेवाली वस्तु (फ्लोटर) पर टिका होगा। जलस्तर बढ़ने पर फ्लोटरऊपर उठेगा और आपूर्ति-पाइप को मोड़ देगा। इससे पानी की सप्लाई बंद हो जाएगी और टैंक ओवर फ्लो नहीं होगा।

3. यदि टंकी को समार्न सेविल या मोटर पम्प द्वारा भरा जाता हो, तो इसमें ओवर फ्लो रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाटर लेविल इंडीकेटर तथा अलार्म लगवाना चाहिए। इससे तय ऊँचाई तक पानी भरने पर इंडिकेटर जलने तथा अलार्म बजने लगता है। ऐसे उपकरण भी उपलब्ध हैं। जिनसे टैंक भरने पर मोटर स्वतः बंद हो जाती है। लेकिन इंडिकेटर तथा अलार्म तीन-चार सौ रुपये में तैयार हो जाता है।

कपलिंग से रिसाव

नल-फीटिंग में पाइपों को कई बार चूड़ीदार कपलिंग से जोड़ा जाता है, जैसे- सिस्टर्न एवं इसका पाइप, वॉश बेसिन की टोंटी का सप्लाई पाइप आदि। प्रायः इन पाइपों के चूड़ीदार हिस्सों से रिसन होने लगती है। घरेलू उपाय के रूप में इन्हें खोलकर चूड़ियों में वैसलीन तथा वैसलीन में सना सूती धागा या रबर बैंड का छल्ला डालकर चूड़ियाँ कस देनी चाहिए। ऐसा करने से ये जोड़ रिसने बंद हो जाते हैं।